शीघ्र विवाह हेतु करें मंगला गौरी मां का दर्शन
काशी को धर्म और अध्यात्म की नगरी कहा जाता है। यहां हर गली हर मोहल्ले में आपको एक मंदिर अवश्य दिख जाएगा। कुछ मंदिर तो इतने प्राचीन है और इतने शर्करी गलियों में है जिसके बारे में किसी को जानकारी तक भी नहीं है कि वह मंदिर कहां स्थित है । इन्हीं मंदिरों में से एक मंदिर है मां मंगला गौरी का मंदिर जो कि पंचगंगा घाट पर स्थित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर किसी कन्या के विवाह में कोई अड़चन आ रही है तो अगर वह हर मंगलवार को इस मंदिर में दर्शन करने जाएं और माता को हल्दी ,कुमकुम, फूल पेड़ा का प्रसाद चढ़ाकर माता का पूजा करे तो उसका शीघ्र अति शीघ्र विवाह हो जाता है। निसंतान दंपत्ति भी वहां पर दर्शन पूजन करने के लिए आते हैं। ऐसा माना जाता है कि जिनके संतान नहीं है यहां आने से उनको संतान प्राप्ति भी हो जाती है । प्रत्येक मंगलवार यहां भक्तों की भारी भीड़ लगती है ।माता का श्रृंगार प्रत्येक वर्ष पूष माह में होता है और माता का अन्नकूट श्रृंगार होता है । इस मंदिर की सबसे बड़ी महता यह है कि प्रत्येक वर्ष अन्नकूट श्रृंगार के बाद यहां पर सर्व मनोकामना पूर्ण पेटी भक्तों को वितरित की जाती है ।उस पेटी को भक्त अपने घर लाकर अपने पूजा स्थान पर रखें और प्रत्येक दिन पूजा करने के बाद जो भी संभव हो ₹1 ,5,10 उस पेटी में अर्पित करते रहें और अपनी मनोकामना मां से पूरा करने की विनती करते रहे तो उसकी मनोकामना पूर्ण होती है ।जब 1 साल पूरा हो जाता है तो उस पेटी को पुनः मंदिर में वापस कर दिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस पेटी को जो भक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ अपने घर में लाता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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जय माता मंगला गौरी🙏🙏🙏


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