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नवंबर, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

वाराणसी के बनकटी हनुमान मंदिर का इतिहास

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काशी धर्म और अध्यात्म की नगरी है ।यहां पर मंदिरों की कोई कमी नहीं है ।यहां हर गली में भगवान विराजते हैं।बात करें अगर बनकटी हनुमान मंदिर की तो यह दुर्गा मंदिर के ठीक पीछे स्थित है।  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार  पहले यहां पर घोर जंगल हुआ करता था और उसी जंगल में से एक हनुमान जी की मूर्ति मिली थी इसलिए इस मंदिर का नाम बनकटी हनुमान मंदिर रखा गया। धार्मिक मान्यताओं अनुसार गोस्वामी तुलसीदास यहां पर पूजा करने आते थे।  इस मंदिर में हनुमान जी ने कोढी के रूप में तुलसीदास जी को दर्शन दिए था।बनकटी हनुमान मंदिर का जीर्णोद्धार सन 1972 में कराया गया था । इस मंदिर में एक विशाल पीपल का पेड़ भी है । मंदिर में हनुमान जी की उत्तर पूर्व दिशा में मूर्ति स्थापित है,  साथ में श्री राम,माता सीता और लक्ष्मण जी की मूर्ति भी विराजमान है  इसके साथ ही यहां पर एक शिवलिंग भी है ।यहां पर प्रत्येक मंगलवार और शनिवार भक्तों की भारी भीड़ होती है। वैसे भीड़ तो यहां प्रत्येक दिन होती है क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो 40 दिन लगातार मन्नत के साथ दिए जलाता है और 41 वें दिन विधि विधान सहित पूजा पा...

शीघ्र विवाह हेतु करें मंगला गौरी मां का दर्शन

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इस लॉकडाउन में हनुमान जी ने ऐसे की इस महिला भक्तों की रक्षा

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 संकट कटे मिटे सब पीरा, जो सुमिरे हनुमत बलबीरा यह सिर्फ पंक्तियां ही नहीं अगर सच्चे दिल से इसे स्मरण किया जाए तो बजरंगबली निश्चित रूप से साथ देते हैं इसमें तनिक भी संशय नहीं। आज की यह कहानी हमें भेजी है सरिता शर्मा ने जो कि गुड़गांव में रहती हैं सरिता शर्मा कहती हैं कि वैसे तो मैं बचपन से ही  हर भगवान की पूजा करती थी ।हमेशा भगवान ने मेरा साथ दिया है । मुझे ऐसा महसूस हुआ कि जब भी मैं किसी मुसीबत में होती थी और हनुमान जी के मंदिर जाती तो मुझे बहुत सुकून मिलता था और मेरी हर समस्या भी दूर हो जाती थी।वैसे तो हमारे बजरंगबली  ने  बहुत सारी कृपा किए लेकिन एक ऐसा अनुभव में आपको बताना चाहती हूं जिस पर मुझे विश्वास नहीं होता है।   यह बात अप्रैल 2020 की है उस समय लॉकडाउन  शुरू हुए कुछ ही समय हुआ था ।जैसा कि आपको भी पता है कि 22 मार्च के बाद सारे ऑफिस लॉकडाउन के वजह से बंद था। मेरा नाम  सरिता  शर्मा है   मेरे हस्बैंड एक कंपनी में मैनेजिंग हेड  हैं और मैं उनके साथ गुड़गांव मैं रहती हूं। सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था लॉकडाउन के वजह से मेरे  ह...

मनचाहा वर पाने के लिए ऐसे करें तुलसी विवाह

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 वैसे तो हिंदू धर्म में हर त्यौहार को अपना ही अलग महत्व है लेकिन अगर बात करें तुलसी विवाह की तो  इसका भी बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। 2020 में तुलसी विवाह 25 नवंबर दिन बुधवार ( देवउठनी एकादशी) को है।  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर किसी लड़की का विवाह नहीं हो पा रहा है किसी भी कारणवश तो अगर वह कन्या तुलसी विवाह के दिन तुलसी विवाह विधिवत करे तो उसे शीघ्र ही वर प्राप्ति हो जाती है ।इसके लिए तुलसी विवाह के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान आदि कर्मों से निवृत्त होकर मां तुलसी की पूजा करें और संभव हो तो उस दिन व्रत भी करें ,और शाम के समय तुलसी का विवाह विधिवत चुनरी ओढ़ाकर और श्रृंगार की समस्त सामग्री के साथ करें और अपने विवाह की प्रार्थना करें तो ऐसा करने से कुंवारी कन्याओं का विवाह शीघ्र अति शीघ्र हो जाता है। अगर किसी दंपत्ति के जीवन में भी किसी तरह की समस्या है जैसे बार-बार किसी बात को लेकर लड़ाई झगड़ा इत्यादि हो रहा हो तो वह दंपत्ति भी अगर तुलसी विवाह के दिन तुलसी का विवाह विधिवत करे तो रिश्ते में मधुरता बनी रहती है। ऐसा भी माना जाता है कि जिस दंपत्ति का विवाह तुलसी विवाह के ...

हनुमान चालीसा के 21 दिन के संकल्प से पूरी होती है मनोकामना

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 आज इस घोर कलयुग में हनुमान जी जागृत रूप में उपस्थित हैं ।भले वह हमें दिखाई ना दे लेकिन जो उनके प्रिय  भक्त हैं उन्हें वह महसूस जरूर होते हैं ।वैसे तो हनुमान जी अपने भक्तों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं लेकिन अगर आपकी भी कोई विशेष कामना है और उसके लिए आप परेशान है तो आप हनुमान जी का 21 दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने का संकल्प लें ।इससे आपकी मनोकामना पूरी होगी। इसके लिए आपको क्या करना है कि कोई भी दिन कोशिश करें अगर शनिवार या मंगलवार का हो तो अति शुभ होगा के दिन स्नान आदि नित्य कर्मों से निवृत्त होकर हनुमान जी के सामने यह संकल्प लें कि हे संकट मोचन हनुमान जी मैं 21 दिन तक हनुमान चालीसा का पाठ 7 बार करूंगी या करूंगा । पाठ के साथ हनुमान जी को अपनी सामर्थ्य के अनुसार कुछ भी भोग लगाएं, तिल के तेल या चमेली के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान जी के सामने 7 बार लगातार हनुमान चालीसा का 21 दिन तक बिना खंडन का पाठ करें। ऐसा करने से आपकी मनोकामना अवश्य पूरी होगी  । हनुमान जी का 21 दिन का हनुमान चालीसा का संकल्प बहुत ही चमत्कारी है ऐसा करने से आपके हर संकट को बजरंगबली दूर कर देंगे। जय...

तुलसीदास ने ऐसे की थी हनुमान बाहुक की रचना

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 जैसा कि हम सब जानते हैं गोस्वामी तुलसीदास एक हनुमान भक्त थे।  तुलसीदास ने बहुत सारी पवित्र पुस्तकों की रचना की जिसमें राम चरित्र मानस, सुंदरकांड, हनुमान चालीसा, हनुमान बाहुक इत्यादि है। दोस्तो  क्या आपको पता है हनुमान बाहुक की रचना गोस्वामी तुलसीदास ने कैसे की?  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गोस्वामी तुलसीदास संकट मोचन हनुमान मंदिर में बैठकर सुंदरकांड की रचना कर रहे थे और उसी समय उनके भुजाओं में दर्द होने लगा तो वह गुस्से में हनुमान वाहक की रचना कर दिए ,और रचना के बाद उनके भुजाओं का दर्द दूर हो गया ऐसा माना जाता है कि हनुमान जी चाहते थे कि तुलसीदास एक और पवित्र  रचना  करें इसलिए उनकी भुजाओं में रामचरितमानस लिखते समय दर्द शुरू हुआ और हनुमान बाहुक की रचना करने के बाद वह दर्द खत्म भी हो गया।   हनुमान बाहुक पढ़ने से बहुत लाभ होता है ।अगर आप किसी भी गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो हनुमान बाहुक का संकल्प लें और उसे पढे तो रोग से मुक्ति मिल जाती है। जय श्री राम जय हनुमान🙏🙏🙏

वाराणसी के संकट मोचन मंदिर का रहस्य

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 वाराणसी का संकट मोचन हनुमान मंदिर एक विश्व प्रसिद्ध हनुमान जी का मंदिर है। इस मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा ठीक राम जी के सामने और मिट्टी की बनी हुई है ।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का निर्माण सन्  1631 से 1680 के मध्य में तुलसीदास जी के द्वारा कराया गया था।  ऐसी मान्यता है कि तुलसी तुलसीदास रामचरितमानस का रचना गंगा के किनारे बैठकर  करते थे और वहीं पर एक बबूल का पेड़ था जो कि सूखा हुआ था ।तुलसीदास गंगा स्नान करने के पश्चात एक लोटा जल उस बबूल के पेड़ में डाल देते थे। धीरे-धीरे  वह पेड़ हरा हो गया और उस पेड़ पर एक प्रेत रहता था ।एक दिन प्रेत तुलसीदास के सामने आया और कहा कि तुम राम जी के  भक्त हो क्या राम जी से मिलना नहीं चाहेंगे। तब तुलसीदास ने कहा कि क्यों नहीं मिलना चाहेंगे लेकिन इस  कलयुग में क्या यह संभव है तब प्रेत ने कहा हां बिल्कुल संभव है । प्रेत ने कहा कर्णघंटा में एक श्री रामचंद्र जी का मंदिर है वहां पर हनुमान जी विराजते हैं जो कि एक कुष्ठ रोगी के रूप में होते हैं, वही जाओ और तुम्हें वहां पर उनका दर्शन होगा। जैसे ही तुलसीदास ने यह बात...

वाराणसी के बनकटी हनुमान मंदिर के सच्ची घटना का चमत्कार

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 जैसा कि हम जानते हैं हनुमान जी एक ऐसे देवता हैं जो अपने भक्तों पर अपनी कृपा दृष्टि हमेशा बनाए रखते हैं और इस घोर कलयुग में जागृत रूप से पृथ्वी पर ही निवास कर रहे हैं ।दोस्तों  आज हम आपको ऐसी एक सच्ची घटना बताएंगे जिसे पढ़कर आप को हनुमान जी के प्रति विश्वास बढ़ जाएगा। आज की यह कहानी हमें भेजा है हमारी एक सब्सक्राइबर अंजलि ने जो कि हनुमान जी की परम भक्त हैं। अंजलि जी लिखती हैं कि मैं यूपी के एक गांव की रहने वाली हूं। मैं बचपन से ही पूजा पाठ में बहुत भरोसा करती थी। जब मैं बड़ी हो गई तो मैं अपने पढ़ाई के लिए वाराणसी आई ,जैसा कि सबको पता है कि वाराणसी में एक हनुमान जी का मंदिर है संकट मोचन हनुमान मंदिर इसके बारे में हर कोई जानता है। अंजलि जी कहती हैं कि मैं बनारस आई तो मैं अक्सर संकट मोचन हनुमान जी के मंदिर दर्शन करने के लिए जाती थी मुझे ऐसा महसूस होता था कि मैं कभी भी परेशान हो तो मेरी हर समस्या का समाधान होता था ।मैं बनारस में ही रहकर तैयारी करती थी और कुछ समय बाद एक प्राइवेट बैंक में नौकरी भी ज्वाइन कर ली। समय धीरे-धीरे गति ले रहा था मेरे जीवन में बहुत सारी समस्याएं थी जिससे हम...

क्या महिलाएं बजरंग बाण का पाठ कर सकती हैं?

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 अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है खास करके महिलाओं को कि क्या  बजरंग बाण का पाठ वह कर सकती है?या नहीं?  जैसा कि हम जानते हैं हनुमान जी को बचपन में ही यह श्राप मिला था कि वह अपनी शक्तियां भूल जाए। इसलिए अगर आप को हनुमान जी को प्रसन्न करना है तो आपको  उनकी शक्तियों को याद दिलाना होता है ,और बजरंग बाण उन्हीं पाठ में से एक है जिसमें उनकी संपूर्ण शक्तियों को याद दिलाया गया है। रही बात क्या महिलाएं इस पाठ को कर सकती हैं तो जी हां बिल्कुल महिलाएं इस पाठ को कर सकती हैं  हमने बहुत सारी ऐसी महिला भक्तों  की कहानी सुनी है जो बजरंग पाठ का पाठ की हैं और  उन्हें प्रभु की कृपा भी मिली है ।लेकिन इस बात का ध्यान अवश्य रखें की बजरंग बाण का पाठ विशेष परिस्थिति में मतलब की कोई विशेष चीज पाने की इच्छा या फिर कोई विशेष मनोकामना पूरी करने की इच्छा हो तब  करें ,क्योंकि इस पाठ में बजरंगबली को को प्रभु श्री राम की शपथ दी जाती है इसलिए अगर आप बजरंग बाण का का पाठ करते हैं तो आप इस बात का ध्यान अवश्य रखें। दोस्तों अगर आपने भी बजरंगबली की कृपा कभी महसूस की है तो आप हमें ईम...

हनुमान चालीसा का पाठ करने से होते हैं सारे कष्ट दूर

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  जय बजरंगबली   जैसा कि हम जानते हैं कि इस घोर कलयुग में हनुमान जी की कृपा अपने भक्तों पर हमेशा बनी रहती है। हनुमान जी एक ऐसे देवता हैं जो इस कलयुग में भी जीवित रूप में है और अपने भक्तों की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं ।दोस्तों आज हम आपको यह बताना चाहते हैं कि अगर आपके जीवन में किसी प्रकार का कष्ट है ,किसी भी समस्या से आप घिरे हुए हैं तो आप सच्चे हृदय से मन में विश्वास रखकर हनुमान चालीसा का पाठ करें हमारे प्रभु आपके हर कष्ट को दूर करेंगे ।इसके लिए आपको क्या करना है कि सुबह उठकर अपने नित्य कर्म से निवृत्त होकर स्नान आदि करके हनुमान चालीसा का पाठ करें। अगर संभव हो तो सुबह और शाम दोनों समय हनुमान चालीसा का पाठ करें और अपने प्रभु से विनती करें कि है हनुमान जी हमारे कष्ट को दूर करें। आप विश्वास करें प्रभु आपके कष्ट को अवश्य दूर करेगे।