वाराणसी के बनकटी हनुमान मंदिर का इतिहास


काशी धर्म और अध्यात्म की नगरी है ।यहां पर मंदिरों की कोई कमी नहीं है ।यहां हर गली में भगवान विराजते हैं।बात करें अगर बनकटी हनुमान मंदिर की तो यह दुर्गा मंदिर के ठीक पीछे स्थित है।

 धार्मिक मान्यताओं के अनुसार  पहले यहां पर घोर जंगल हुआ करता था और उसी जंगल में से एक हनुमान जी की मूर्ति मिली थी इसलिए इस मंदिर का नाम बनकटी हनुमान मंदिर रखा गया। धार्मिक मान्यताओं अनुसार गोस्वामी तुलसीदास यहां पर पूजा करने आते थे।

 इस मंदिर में हनुमान जी ने कोढी के रूप में तुलसीदास जी को दर्शन दिए था।बनकटी हनुमान मंदिर का जीर्णोद्धार सन 1972 में कराया गया था । इस मंदिर में एक विशाल पीपल का पेड़ भी है । मंदिर में हनुमान जी की उत्तर पूर्व दिशा में मूर्ति स्थापित है,  साथ में श्री राम,माता सीता और लक्ष्मण जी की मूर्ति भी विराजमान है

 इसके साथ ही यहां पर एक शिवलिंग भी है ।यहां पर प्रत्येक मंगलवार और शनिवार भक्तों की भारी भीड़ होती है। वैसे भीड़ तो यहां प्रत्येक दिन होती है क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो 40 दिन लगातार मन्नत के साथ दिए जलाता है और 41 वें दिन विधि विधान सहित पूजा पाठ करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।


दोस्तों अगर आपने भी कभी हनुमान जी की कृपा या फिर किसी भगवान की कृपा महसूस की है तो आप अपनी कहानी हमारे साथ साझा करें हम उसे प्रकाशित करेंगे।


जय श्री राम, हनुमान जय हनुमान।

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